चंडीगढ़
हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र सात मार्च से शुरू होने जा रहा है। इस बार बजट में जनता को कई उम्मीदें हैं। कांग्रेस पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि अभी तक मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस विधायक दल के नेता का नाम तय नहीं कर पाई है। बताया जा रहा है कि बजट सत्र से पहले पार्टी को नेता प्रतिपक्ष मिल जाएगा। ऐसे में प्रदेश कांग्रेस की निगाहें आलाकमान पर टिकी हैं।
ये नाम चर्चा में
इस पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व स्पीकर अशोक अरोड़ा व विधायक गीता भुक्कल का नाम चर्चा में है। सदन में कांग्रेस के 37 विधायक हैं। सदन में नेता प्रतिपक्ष कौन होगा, ये सबसे बड़ा सवाल है। बताया जाता है कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में सबसे आगे हैं। 37 में अधिकतर विधायक उनके खेमे के हैं। ऐसे में उनका दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है। भूपेंद्र हुड्डा ने अब तक नेता प्रतिपक्ष को मिलने वाली सरकारी कोठी भी खाली नहीं की है। सवाल यह उठ रहा है कि अगर हुड्डा को ही बनाया जाना है तो अब तक पार्टी ने मंजूरी क्यों नहीं दी।
प्रदेश अध्यक्ष भी बदलने की चर्चा
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी बदले जाने की चर्चा है। पिछले दिनों पार्टी ने कुछ राज्यों में अध्यक्ष बदले हैं। कांग्रेस के एक शीर्ष नेता ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष जातीय समीकरण को ध्यान में रखकर ही तय किए जाएंगे। अब तक पार्टी दलित-जाट समीकरण बनाती आई है। यानी प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष में से एक दलित नेता को दूसरा जाट। इस बार इस समीकरण को बदलने पर विचार हो रहा है।