16 अप्रैल राशिफल: शुभ दिन रहेगा कुछ राशियों के लिए, बाकी को होगी चुनौतियों का सामना

मेष
मेष राशियों के लिए दिन अच्छा रहेगा, खासकर बिजनेस वालों के लिए। आपकी योजनाएं आगे बढ़ेंगी और धन लाभ के संकेत हैं। परिवार में थोड़ा मनमुटाव हो सकता है, जिससे मन परेशान रहेगा। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। काम को लेकर उत्साह रहेगा, लेकिन कुछ रुकावट भी आ सकती है।

वृषभ
निवेश के लिए दिन ठीक है, लेकिन उधार लेने या दिखावे में पैसा खर्च करने से बचें। धैर्य बनाए रखें, खासकर मुश्किल समय में। किसी की सलाह पर बिना सोचे निवेश न करें। सही निर्णय लेने से फायदा होगा।

मिथुन
आज आपको कोई बड़ी सफलता मिल सकती है। काम में आपकी मेहनत और टैलेंट दिखेगा। पैसे के मामले में दिन अच्छा रहेगा। दोस्तों या किसी योजना से फायदा मिल सकता है। प्रेम जीवन भी अच्छा रहेगा और रिश्ते मजबूत होंगे।

कर्क
आपको किसी जरूरी चर्चा में शामिल होना पड़ सकता है। नया वाहन लेने का योग है। बिजनेस में सुधार होगा और रुके काम पूरे होंगे। किसी की बातों में आकर झगड़ा करने से बचें। मेहनत करते रहें, सफलता मिलेगी।

सिंह
धार्मिक कार्यों में मन लगेगा और भाग्य आपका साथ देगा। नौकरी में तारीफ या प्रमोशन मिल सकता है। परिवार से जुड़े फैसले ले सकते हैं। किसी कार्यक्रम में अपनी बात जरूर रखें। माता की सेहत का ध्यान रखें।

कन्या
जल्दबाजी में कोई काम न करें। सेहत को लेकर सावधान रहें। अपने जरूरी कामों को नजरअंदाज न करें। कोई पुराना मामला सुलझ सकता है। आलस्य छोड़कर धीरे-धीरे काम पूरा करें।

तुला
दिन सामान्य रहेगा, लेकिन निजी जीवन की परेशानियां थोड़ा तनाव दे सकती हैं। पार्टनरशिप में सोच-समझकर काम करें। प्रॉपर्टी लेने का मौका मिल सकता है। दोस्तों से बात करते समय सावधानी रखें।

वृश्चिक
मेहनत से काम करने का दिन है। किसी बहस में पड़ने से बचें। भावनाओं में आकर फैसला न लें। आपकी आमदनी बढ़ सकती है, जिससे खुशी मिलेगी। माता-पिता के आशीर्वाद से रुका काम पूरा होगा।
धनु

नौकरी ढूंढ रहे लोगों के लिए अच्छा समय है। व्यापार में खुशखबरी मिल सकती है। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए संभलकर चलें। कोई बचत योजना शुरू कर सकते हैं। परिवार से खुशी मिलेगी।

मकर
पारिवारिक मामलों में सावधानी रखें। किसी लेनदेन में समस्या आ सकती है। धैर्य से काम लें और बड़ों की बात मानें। पढ़ाई या प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

कुंभ
आप आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। सामाजिक कामों में हिस्सा लेंगे। रिश्तों को मजबूत बनाने की कोशिश करें। विदेश से जुड़े काम में फायदा हो सकता है। जीवनसाथी से बातें छुपाने से बचें।

मीन
नए लोगों से जुड़कर आपको फायदा मिलेगा। आपकी बातों और व्यवहार से लोग प्रभावित होंगे। मन की इच्छा पूरी हो सकती है। आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी और सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी।

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टाटा मोटर्स का ऐतिहासिक पड़ाव,10 लाखवीं बस फ्लैग ऑफ, यूपी में विस्तार का संकेत

 लखनऊ

उत्तर प्रदेश की औद्योगिक संभावनाओं पर मुहर लगाते हुए टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने राज्य को देश का प्रमुख 'ग्रोथ इंजन' बताया है। लखनऊ में टाटा मोटर्स की 10 लाखवीं बस को फ्लैग ऑफ करने के ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश में टाटा समूह की उपस्थिति दोगुनी से भी अधिक होने वाली है। चंद्रशेखरन ने बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश अनुकूल माहौल के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि राज्य अब उद्योगों के विस्तार के लिए सबसे सुरक्षित और संभावनाशील गंतव्य बन चुका है।

34 साल में 10 लाख, अब 5 साल में 20 लाख का लक्ष्य
टाटा मोटर्स के लखनऊ प्लांट ने 34 वर्षों की अपनी गौरवशाली यात्रा में 10 लाख वाहनों के उत्पादन का मील का पत्थर पार कर लिया है। चेयरमैन चंद्रशेखरन ने विश्वास जताया कि जिस गति से प्रदेश की आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, अगले 5 वर्षों में 20 लाख वाहनों के उत्पादन का लक्ष्य भी आसानी से हासिल कर लिया जाएगा। यह प्लांट केवल एक इकाई नहीं, बल्कि स्थानीय सप्लायर्स और पार्टनर्स के साथ विकसित एक ऐसा इकोसिस्टम है, जो उत्तर प्रदेश और टाटा समूह के अटूट विश्वास का प्रतीक है।

TCS और तकनीकी क्षेत्र में नौकरियों की धूम
आईटी और सर्विस सेक्टर में भी टाटा समूह यूपी में बड़ी छलांग लगाने को तैयार है। चंद्रशेखरन के अनुसार, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) वर्तमान में लखनऊ, नोएडा और वाराणसी में लगभग 20,000 प्रोफेशनल्स के साथ काम कर रही है। अगले पांच वर्षों में इस संख्या को बढ़ाकर 40,000 करने की योजना है। इसके अतिरिक्त, पावर, डिफेंस, रिटेल और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में भी समूह का विस्तार होगा, जिससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के हजारों नए द्वार खुलेंगे।

भविष्य की तकनीक: इलेक्ट्रिक, सीएनजी और हाइड्रोजन वाहन
उत्तर प्रदेश अब केवल पारंपरिक डीजल वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा। टाटा मोटर्स ने अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह यूपी को इलेक्ट्रिक, सीएनजी और भविष्य के हाइड्रोजन आधारित वाहनों के लिए एक महत्वपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करेगा। यह कदम यूपी को ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।

सामाजिक सरोकार: जल संरक्षण और AI पर जोर
औद्योगिक विकास के साथ-साथ टाटा समूह सामाजिक उत्तरदायित्वों में भी सक्रिय है। समूह मथुरा में जल स्रोतों के पुनर्जीवन और गोरखपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रहा है। एन चंद्रशेखरन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दूरदर्शी नीतियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार के सक्रिय सहयोग के कारण ही टाटा समूह आज यूपी के विकास में इतनी बड़ी भूमिका निभा पा रहा है।

 

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उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा में सांदीपनि विद्यालयों के विकास कार्यों एवं प्रस्तावों की समीक्षा की

भोपाल. 
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में रीवा जिले में संचालित एवं प्रस्तावित सांदीपनि विद्यालयों के विकास कार्यों एवं प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सांदीपनि विद्यालय (पीके कन्या) रीवा में प्रस्तावित विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक एवं तकनीकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, जिससे विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वित्त सचिव लोकेश जाटव से चर्चा कर प्रस्ताव पर आवश्यक वित्तीय स्वीकृति के निर्देश दिए।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा के सगरा एवं पांडे टोला में प्रस्तावित सांदीपनि विद्यालयों की स्वीकृति के लिए की जा रही कार्यवाही की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि दोनों स्थलों के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए भेज दिए गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वीकृति मिलते ही आवश्यक अधोसंरचना विकास कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाएं, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बैठक में प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा संजय गोयल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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सरकारी ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों पर हमला, विभाग ने की सख्त कार्रवाई की मांग

 फतेहाबाद

गांव खुम्बर में अवैध जल कनेक्शन काटने गई जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमला करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस घटना से विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में गहरा रोष है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपमंडल अभियंता आंचल जैन की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई गई।

उपमंडल अभियंता आंचल जैन ने बताया कि विभाग को पोर्टल पर शिकायत मिली थी कि गांव खुम्बर स्थित एक खाली प्लॉट में अवैध कनेक्शन लिया गया है। विभागीय आदेशानुसार, पृथ्वीपाल खंड संयोजक के नेतृत्व में एक टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची थी। जब टीम अपना कार्य पूरा कर बूस्टिंग स्टेशन पर वाल्व खोलने पहुंची, तो वहां गांव के निवासी रविन्द्र उर्फ घोलू ने कुछ महिलाओं के साथ मिलकर कर्मचारियों को घेर लिया। आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने कर्मचारियों के साथ न केवल गाली-गलौज की, बल्कि हाथापाई पर उतारू हो गया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

जिला सलाहकार शर्मा चंद लाली ने कड़े शब्दों में घटना की निंदा करते हुए कहा की सरकारी ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों के साथ इस तरह का हिंसक व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने सदर थाना प्रभारी, फतेहाबाद को लिखित शिकायत भेजकर सरकारी कार्य में बाधा डालने और धमकी देने के आरोप में सख्त कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारी यूनियन के जिला अध्यक्ष शमशेर सिंह कुंडू ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तुरंत उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो जल्द ही जिला स्तरीय बैठक बुलाकर आगामी रणनीति बनाई जाएगी। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा सुनिश्चित न होने की स्थिति में फील्ड में काम करना असंभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज हो और फील्ड कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि पेयजल आपूर्ति बाधित न हो।

इस बैठक में शर्मा चंद लाली (जिला सलाहकार), सुभाष चन्द्र (उपमंडल अभियंता), शमशेर सिंह कुंडू (जिला अध्यक्ष), अमनदीप सिंह, छोटू राम, दुर्गेश कुमार (कनिष्ठ अभियंता), दलबीर सिंह, राम मेहर सिंह सहित कई कर्मचारी व पदाधिकारी मौजूद रहे।

 

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ईरान ने चीनी सैटेलाइट के जरिए अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं, रिपोर्ट से बढ़ी चिंताएं

तेहरान 
ईरान ने चीन के जासूसी सैटेलाइट का इस्तेमाल करते हुए मिडल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों की रेकी की थी। इसी के चलते उसे पूरी जानकारी मिल गई थी और फिर जंग में उसने चुन-चुनकर अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। चीनी सैटेलाइनट का यह इस्तेमाल 2024 के आखिरी दिनों में किया गया था। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान ने TEE-01B सैटेलाइट्स का इस्तेमाल किया था। इन्हें चीन की कंपनी 'अर्थ आई' ने तैयार किया है। इनकी सेवाओं को ईरानी सेना की एयरोस्पेस फोर्स ने खरीदा था। चीन की ओर से इन सैटेलाइट्स को लॉन्च करने के कुछ दिन बाद ही ईरान ने सेवाएं ली थीं।

इस बीच चीनी विदेश मंत्रालय ने ऐसी रिपोर्ट्स को खारिज किया है। उसका कहना है कि चीन पर टैरिफ लगाने के लिए ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। इन मनगढ़ंत आरोपों का इस्तेमाल हमारे ऊपर टैरिफ लगाने के बहाने के तौर पर किया जा सकता है। चीनी मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि यदि अमेरिका ने हमारे ऊपर टैरिफ बढ़ाया तो फिर हम भी उसका जवाब देंगे। फाइनेंशियल टाइम्स ने लिखा है कि उसने ईरानी सेना के लीक दस्तावेजों के अध्ययन के बाद यह जानकारी दी है। अखबार का कहना है कि ईरानी सेना के कमांडरों ने सैटेलाइट से कहा था कि वह अमेरिकी मिलिट्री ठिकानों की मॉनिटरिंग करे। इसके बाद सैटेलाइट की मदद से तस्वीरें और अन्य जानकारियां हासिल की गईं।

इन तस्वीरों को काफी पहले ही जुटाया गया था। इसके बाद जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए तो उसने भी जवाबी हमले किए। ईरान ने इराक, कतर, सऊदी अरब समेत कई देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। जानकारी यह भी है कि चीनी सैटेलाइट्स की रेंज में एशिया का ज्यादातर हिस्सा आता है। इसके अलावा लैटिन अमेरिका समेत कई और क्षेत्र उसकी जद में हैं।
'ट्रंप भी कह चुके मेरा इरादा चीन को टारगेट करना'

बता दें कि चीन पर डोनाल्ड ट्रंप खुद ही आरोप लगा चुके हैं कि उसने ईरान को हथियारों के जरिए मदद की है। उनका कहना था कि मैंने कुछ देशों पर 50 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने की जो बात कही है, वह मुख्य रूप से चीन के लिए ही है। गौरतलब है कि मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद चीन जाने वाले हैं। माना यह भी जा रहा है कि शायद अपने दौरे से पहले एक बेहतर डील के लिए चीन पर दबाव डालने की भी उनकी यह रणनीति हो सकती है।

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अमेरिका ने ईरान से तेल आयात पर प्रतिबंध छूट को बढ़ाने से मना किया

वॉशिंगटन
 बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि उसका ईरानी तेल पर लगे बैन में कुछ समय के लिए दी गई छूट को बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है. इसे युद्ध की वजह से सप्लाई में रुकावटों को कम करने के लिए लागू किया गया था। 

यह कदम तेहरान पर दबाव बढ़ाने की अमेरिका की बड़ी रणनीति का हिस्सा है. वित्त मंत्रालय का कहना है कि वह ईरान की आर्थिक और ऊर्जा को लेकर गतिविधि पर रोक लगाने के मकसद से 'इकोनॉमिक फ्यूरी' अप्रोच को आगे बढ़ा रहा है। 

वित्त मंत्रालय इकोनॉमिक फ्यूरी के साथ तेजी से आगे बढ़ रहा है, ईरान पर ज़्यादा से ज़्यादा दबाव बनाए हुए है. फाइनेंशियल संस्थानों को पता होना चाहिए कि डिपार्टमेंट मौजूद सभी टूल्स और अथॉरिटी का इस्तेमाल कर रहा है और विदेशी कंपनियों के खिलाफ सेकेंडरी बैन लगाने के लिए तैयार है जो ईरान की एक्टिविटीज को सपोर्ट करना जारी रखते हैं। 

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने कहा कि समुद्र में पहले से फंसे ईरानी तेल की बिक्री की इजाजत देने वाला शॉर्ट-टर्म ऑथराइज़ेशन कुछ दिनों में खत्म होने वाला है और इसे रिन्यू नहीं किया जाएगा. इससे पहले 21 मार्च को अमेरिका ने शुक्रवार (लोकल टाइम) को इस साल 19 अप्रैल तक ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर लगी पाबंदियों में कुछ समय के लिए ढील देने का ऐलान किया था. इसमें अमेरिका में ईरानी कच्चे और रिफाइंड प्रोडक्ट्स की बिक्री की इजाजत देना भी शामिल था। 

इस फैसले की जानकारी अमेरिकी वित्त मंत्रालय के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल के एक बयान से मिली. इसने 20 मार्च से जहाजों पर लोड किए गए ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की डिलीवरी और बिक्री को मंजूरी दी थी. बयान में 19 अप्रैल, 2026 को वह तारीख बताया गया, जब तक ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर छूट रहेगी। 

इसमें कहा गया है कि कुछ अपवादों को छोड़कर, 'ऊपर बताई गई अथॉरिटीज द्वारा मना किए गए सभी ट्रांज़ैक्शन जो आम तौर पर किसी भी जहाज पर लोड किए गए ईरानी मूल के कच्चे तेल या पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की बिक्री, डिलीवरी या उतारने के लिए जरूरी है. इसमें ऊपर बताई गई अथॉरिटीज के तहत ब्लॉक किए गए जहाज भी शामिल हैं. 20 मार्च, 2026 को रात 12:01 बजे ईस्टर्न डेलाइट टाइम या उससे पहले, वे 19 अप्रैल, 2026 को रात 12:01 बजे ईस्टर्न डेलाइट टाइम तक मंजूर हैं। 

बयान में कहा गया है कि लाइसेंस से मंजूर ट्रांज़ैक्शन में ईरान से आने वाले कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट का अमेरिका में इम्पोर्ट भी शामिल है. चूंकि ईरान के साथ लड़ाई अभी भी जारी है, इसलिए यह रणनीतिक जलमार्ग ज्यादातर समुद्री ट्रैफिक के लिए असल में बंद है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और राजनयिक रिश्तों पर दबाव बना हुआ है। 

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दशकों के अंधेरे से उजियारे में आया गारपा, नियद नेल्लानार योजना से पहली बार घर-घर पहुँची बिजली

रायपुर. 
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी "नियद नेल्लानार योजना" के तहत जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में विकास की मजबूत दस्तक सुनाई दे रही है। नारायणपुर मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर स्थित अत्यंत दुर्गम ग्राम गारपा में अब पहली बार बिजली की रोशनी पहुँची है, जिससे वर्षों से अंधेरे में जीवन बिता रहे ग्रामीणों के जीवन में नया उजाला आया है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब इन दूरस्थ क्षेत्रों में विकास कार्य तेजी से पहुँच रहे हैं। पहले जहाँ सुरक्षा कारणों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते मूलभूत सुविधाएँ भी नहीं पहुँच पाती थीं, वहीं अब शासन की प्राथमिकता में इन क्षेत्रों को शामिल कर तेजी से काम किया जा रहा है। कलेक्टर नम्रता जैन के सतत मार्गदर्शन में प्रशासनिक और तकनीकी टीमों ने मिलकर इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया।

बिजली विभाग द्वारा संचालित इस परियोजना में लगभग 55 लाख रुपये की लागत से 48 उपभोक्ताओं को पहली बार बिजली कनेक्शन प्रदान किया गया। कार्यपालन अभियंता कुमार लाल उइके ने बताया कि घने जंगल, कठिन रास्ते और सीमित संसाधनों के बावजूद टीम ने अदम्य साहस और कार्यकुशलता का परिचय देते हुए निर्धारित समय में लाइन विस्तार का कार्य पूर्ण किया।

बिजली पहुँचने से अब गारपा के बच्चों को पढ़ाई के बेहतर अवसर मिलेंगे, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच आसान होगी और ग्रामीणों के आर्थिक उत्थान के नए रास्ते खुलेंगे। दशकों बाद अपने घरों को रोशन देख ग्रामीणों में उत्साह और खुशी का माहौल है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के तहत जिले के अन्य दूरस्थ गांवों में भी इसी तरह प्राथमिकता के आधार पर विद्युतीकरण कार्य तेजी से जारी रहेगा, जिससे विकास की रोशनी हर अंतिम छोर तक पहुँच सके।

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32 की उम्र में विक्टर एक्सेलसन का रिटायरमेंट, बैडमिंटन जगत को झटका

 नई दिल्‍ली

 डेनमार्क के शटलर विक्‍टर एक्‍सेलसन ने बुधवार को पेशेवर बैडमिंटन से संन्‍यास लिया। एक्‍सेलसन ने 32 की उम्र में संन्‍यास लेकर बैडमिंटन जगत को चौंकाया। उन्‍होंने इंस्‍टा पोस्‍ट के जरिये संन्‍यास लेने की असली वजह बताई।

महान लिन डान के बाद एक्‍सेलसन दूसरे शटलर हैं, जिन्‍होंने अपने ओलंपिक गोल्‍ड मेडल की रक्षा की। एक्‍सेलसन ने आखिरी बार फ्रेंच ओपन में हिस्‍सा लिया था। पिछले काफी समय से पीठ की चोट से जूझ रहे विक्‍टर ने आखिरी प्रमुख खिताब इंडिया ओपन जीता था।

एक्‍सेलसन का इंस्‍टा पोस्‍ट
आज का दिन मेरे लिए आसान नहीं हैं। लगातार पीठ की चोट की समस्‍या के कारण मैं उच्‍च स्‍तर पर प्रतिस्‍पर्धा और ट्रेनिंग नहीं कर पाऊंगा। एंडोस्‍कोपिक सर्जरी के बाद कई इंजेक्‍शन लगे, नई ट्रेनिंग मेथड अपनाई, उपचार कराया और लंबे समय तक वो हर कुछ किया, जिससे दर्द से आराम मिले। मुझे लंबे समय तक स्‍वास्‍थ्‍य पर ध्‍यान देने की सलाह मिली है। इस स्थिति को स्‍वीकार करना मेरे लिए काफी मुश्किल है। मगर अब मैं उस जगह पहुंच गया हूं, जहां मेरा शरीर लगातार खेलने की अनुमति नहीं दे रहा है

पिछले साल काफी परेशान
विक्‍टर एक्‍सेलसन के करियर का टर्निंग प्‍वाइंट साल 2025 बना, जहां चोटों से वो घिर गए और आखिरकार संन्‍यास लेना पड़ा। अप्रैल 2025 में उन्‍होंने डिस्‍क हर्नियेशन को ठीक करने के लिए एंडोस्‍कोपिक सर्जरी कराई, जिसके कारण वो पांच महीने एक्‍शन से दूर रहे। इस वजह से वो पेरिस में वर्ल्‍ड चैंपियनशिप में हिस्‍सा नहीं ले पाए।

सितंबर में विक्‍टर की बैडमिंटन कोर्ट पर वापसी हुई, लेकिन हांगकांग ओपन के पहले ही दौर में वो बाहर हो गए। उन्‍होंने इस खराब प्रदर्शन के लिए शारीरिक कठिनाई को दोषी करार दिया। विक्‍टर का दर्द लगातार बढ़ता गया और आखिरकार उन्‍हें असमायिक ही संन्‍यास की घोषणा करना पड़ी।

विक्‍टर की उपलब्धियां
    ओलंपिक – 2016 में ब्रॉन्‍ज, 2020 और 2024 में गोल्‍ड मेडल
    वर्ल्‍ड चैंपियनशिप्‍स – 2014 में ब्रॉन्‍ज, 2017 और 2022 में गोल्‍ड।
    ऑल इंग्‍लैंड चैंपियनशिप्‍स – 2020 और 2022 के विजेता।

 

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बांसवाड़ा के वीर जवान मानसिंह को मिलेगा सम्मान, बहादुरी की मिसाल फिर याद

 बांसवाड़ा

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में एक भावुक और गर्व से भरी पहल सामने आई है. वर्ष 1982 में डकैती के दौरान शहीद हुए पुलिस जवान मानसिंह को इस बार पुलिस स्थापना दिवस पर सम्मानित किया जाएगा. यह निर्णय पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी की पहल पर लिया गया है.

डकैती के दौरान दिखाई थी बहादुरी
मानसिंह उस समय घाटोल पुलिस चौकी में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे. 2 और 3 मार्च 1982 की रात गश्त के दौरान Bank of Baroda की घाटोल शाखा में 8 से 10 इस दौरान मानसिंह ने बिना डरे एक डकैत को पकड़ लिया. बाकी डकैतों ने उन पर जानलेवा हमला किया और तलवार से उनके दोनों हाथ काट दिए. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अंत तक मुकाबला करते रहे और वीरगति को प्राप्त हुए.

मरणोपरांत मिला था वीरता पदक
उनके इस अदम्य साहस के लिए उन्हें मरणोपरांत पुलिस पदक फॉर गैलेंट्री से सम्मानित किया गया था. उनका बलिदान आज भी पुलिस विभाग के लिए गर्व का विषय है. एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि शहीद मानसिंह की याद को जीवित रखने के लिए पुलिस लाइन में उनकी तस्वीर लगाई जाएगी. इससे पुलिसकर्मी और आम लोग उनके साहस से प्रेरणा ले सकेंगे.

पार्क का नाम रखा गया ‘शहीद मानसिंह बालोद्यान'
पुलिस लाइन में बने चिल्ड्रन्स पार्क का नाम बदलकर “शहीद मानसिंह बालोद्यान” कर दिया गया है. यह कदम उनकी स्मृति को स्थायी रूप देने की दिशा में उठाया गया है. राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस के मौके पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इस दौरान शहीद को श्रद्धांजलि दी जाएगी और उनके साहसिक बलिदान को याद किया जाएगा.

एसपी की पहल की हो रही सराहना
एसपी सुधीर जोशी ने पुराने दस्तावेज मंगवाकर पूरे मामले का अध्ययन किया और शहीद को सम्मान दिलाने की पहल की. उनकी इस सोच की पुलिस विभाग में व्यापक सराहना हो रही है. 44 साल बाद मिल रहा यह सम्मान आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का मजबूत संदेश देगा.

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झाबुआ के बोर्ड परिणामों में शानदार प्रदर्शन पर महिला बाल विकास मंत्री भूरिया ने दी बधाई

भोपाल. 
मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों में झाबुआ जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। हायर सेकेंडरी परीक्षा में प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल करने के साथ ही हाई स्कूल में शीर्ष 10 जिलों में स्थान बनाकर जिले ने सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

इस उपलब्धि पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जिले के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने इसे “झाबुआ के बदलाव की नई इबारत” बताते हुए कहा कि यह सफलता आदिवासी अंचल में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और कड़ी मेहनत का परिणाम है।

मंत्री भूरिया ने अपने संदेश में कहा कि झाबुआ के विद्यार्थियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती। सीमित साधनों के बावजूद विद्यार्थियों ने जिस समर्पण और परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया है, वह सराहनीय है। उन्होंने शिक्षकों के योगदान की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और प्रतिबद्धता ने बच्चों को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे जिले के विद्यार्थी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकें।

मंत्री भूरिया ने उन विद्यार्थियों का भी हौसला बढ़ाया जो इस बार सफलता प्राप्त नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि परीक्षा के अंक जीवन का अंतिम पैमाना नहीं होते। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच के साथ पुनः प्रयास करने का आह्वान किया।

 

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