भोपाल
प्रदेश के पांचवीं व आठवीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम अप्रैल के दूसरे सप्ताह में घोषित होने की संभावना है। प्रदेश भर के सरकारी व निजी स्कूलों के करीब 25 लाख विद्यार्थी परिणाम के इंतजार में है।
यह परिणाम 30 मार्च को आना था, लेकिन अब तक 80 प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य पूरा हुआ है। मूल्यांकन कार्य 24 मार्च तक समाप्त करना था। अब तीन दिन शेष है। ऐसे में मूल्यांकन कार्य पूरा होना संभव नहीं है।
कॉपी जांचने में क्यों हो रहे देरी
वहीं शिक्षक मूल्यांकन केंद्र नहीं पहुंच रहे हैं। इस कारण उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने का काम नहीं पूरा हो पा रहा है। राज्य शिक्षा केंद्र ने जो समय-सारिणी तय किया था। उसके हिसाब से मार्च के अंत तक पांचवीं व आठवीं का परिणाम आना था, लेकिन अब तक 20 फीसद उत्तरपुस्तिकाओं को जांचना बाकी है।
निजी स्कूलों के अंग्रेजी माध्यम के चार लाख विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने के लिए सरकारी स्कूल में शिक्षक नहीं मिल रहे हैं। इस कारण निजी स्कूलों के शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य में लगाया गया है।
राजधानी के चार मूल्यांकन केंद्रों पर 834 शिक्षकों को साढ़े तीन लाख उत्तरपुस्तिकाओं को जांचने के लिए लगाया गया है। इसमें पांचवीं की एक लाख 26 हजार और आठवीं की दो लाख पांच हजार उत्तरपुस्तिकाएं हैं। जिनके मूल्यांकन का कार्य चल रहा है।
नेटवर्क की समस्या के कारण देरी
शिक्षकों का कहना है कि मूल्यांकन के बाद अंकों को ऑनलाइन प्रविष्टि करने के कारण रिजल्ट तैयार करने में देरी होगी। शिक्षकों को एक-एक बच्चे का अंक ऑनलाइन भरना पड़ रहा है। नेटवर्क की समस्या के कारण टैबलेट से अंकों को ऑनलाइन भरने में परेशानी हो रही है।
मूल्यांकन केंद्र ही नहीं पहुंचे 12 शिक्षक
जिले के जहांगीराबाद स्थित शासकीय कन्या उमावि, प्रोफेसर कॉलोनी स्थित विद्या विहार स्कूल, सरोजिनी नायडू कन्या स्कूल और फंदा ग्रामीण के 25वीं बटालियन स्कूल में मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। इसमें करीब 12 शिक्षक मूल्यांकन के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। इन्हें जिला परियोजना समन्वयक ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।