अरवल
बिहार के अरवल जिले के किंजर थाना क्षेत्र में सोहरिया मोड़ के पास देर रात 60 वर्षीय एक वृद्ध महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। महिला के सिर में गोली लगी थी। उसकी पहचान अरवल सदर थाना क्षेत्र के फतेहपुर संडा टोला लक्ष्मी बिगहा गांव निवासी अवधेश यादव की पत्नी रेशमा देवी के रूप में की गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर घटना की छानबीन शुरू कर दी है।
घटना के पीछे सास-बहू का विवाद बताया जाता है। बहू के प्रेम प्रसंग में सास बाधक बन रही थी। पति अवधेश यादव का आरोप है कि बहू राखी कुमारी ने अपने प्रेमी संग मिलकर पूर्व नियोजित साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया है। अवधेश यादव ने बहू के खिलाफ थाने में लिखित शिकायत की है। घटना के बाद बहू फरार है।
आठ साल पहले हुई थी शादी
अवधेश यादव के अनुसार पुत्र विनोद यादव ने आठ वर्ष पूर्व गया जिले के अलीपुर थाना अंतर्गत मालदा गांव की राखी कुमारी से प्रेम विवाह किया था। कुर्था में मैट्रिक परीक्षा देने के समय दोनों में प्यार हुआ था। शादी के बाद बहू हमेशा मायके में ही रहती थी। इस बीच उसने दो बच्चों को जन्म दिया। छानबीन में पता चला कि उसका किसी युवक से अवैध संबंध चल रहा है।
इस वियोग में पुत्र भी मानसिक रूप से कमजोर हो गया। रेशमा देवी बहू की इस हरकत का हमेशा विरोध करती थी। इसी रंजिश में शुक्रवार को बहू पूर्व नियोजित साजिश के तहत मायके से ससुराल पहुंची और बीमार सास को इलाज कराने के बहाने अरवल सदर अस्पताल ले गई। वहां से बेहतर इलाज के बहाने किंजर ले गई, जहां प्रेमी व उसके दोस्तों संग मिलकर रात्रि में उसकी हत्या कर दी और ससुराल लौट आई।
इससे पूर्व रात्रि आठ बजे डायल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी कि किंजर इलाके में अपराधियों द्वारा लूटपाट की जा रही है, लूटपाट के दौरान मेरी सास को गोली मार दी गई और मेरी पिटाई की जा रही थी। किसी प्रकार वहां से भाग कर अपने ससुराल पहुंच गई हूं। ससुराल लौटकर घरवालों को भी बहू ने यही किस्सा सुनाया।
सूचना पर घटनास्थल पहुंची किंजर पुलिस ने सोहरिया मोड़ के पास सास का शव बरामद किया, सिर में गोली मारकर महिला की हत्या की गई थी।
बेटे से हो रही पूछताछ
पुलिस ने एफएसएल की टीम को बुलाकर घटनास्थल की जांच कराई। पिता के आरोप पर पुलिस ने उसके बेटे विनोद यादव से कई बिंदुओं पर पूछताछ की। इधर, छानबीन शुरू होते ही बहू ससुराल से फरार हो गई। पुलिस मोबाइल से उसका लोकेशन ट्रेस कर रही है। शव के पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल के डॉक्टरों की टीम गठित की गई, जिससे पता चल पाए कि हत्या में किस प्रकार के हथियार का उपयोग किया गया है।