भभुआ
वक्फ संशोधन बिल लोकसभा और राज्य सभा में पास हो गया। अब यह विधेयक कानून बनने की दहलीज पर है लेकिन सियासत थम नहीं रहा। लालू यादव की पार्टी राजद ने इसे असंवैधानिक करार देते हुए कोर्ट में ले जाने की चेतावनी है। नीतीश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने आरजेडी पर पलटवार किया है। कहा है कि जिनके राज में बड़े दंगे हुए और हजारों लोग मारे गए वे बिल का विरोध कर रहे हैं। वक्फ संशोधन बिल से किसी को कोई दिक्कत नहीं होगी। हालांकि कई मुस्लिम नेताओं ने इस बिल का समर्थन करने के लिए जेडीयू से इस्तीफा दे दिया है।
भभुआ में शुक्रवार को एक कार्यक्रम में भाग लेने आए अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल से किसी को परेशानी नहीं होगी। कुछ ऐसी चीजें थीं, जिसपर हम लोगों ने संशोधन किया था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बैठक हुई थी। कहा कि मुख्यमंत्री ने बेहतर विकास कार्य किया है। उन्होंने कहा कि इस बिल के बारे में कुछ लोग नहीं समझ रहे हैं। विरोध करनेवाले लोगों के शासनकाल में दंगा हुआ और हजारों लोग मारे गए। हमलोगों के कार्यकाल में दंगा नहीं हुआ।
जमा खान ने कहा कि बिहार में गंगा-जमुनी तहजीब रही है। नीतीश कुमार वर्ष 2005 के बाद से हमेशा बिहार के विकास को लेकर अच्छा कार्य किए हैं। भविष्य में भी बिहार में नीतीश की सरकार अच्छा करेगी। नीतीश कुमार के रहते मुसलमान समाज के लिए ना कुछ गलत हुआ और ना होगा। लेकिन हमारे समाज के लोगों ने जिसे नेता बनाया उन्होंने अपनी पार्टी को प्राइवेट लिमिटेड बना दिया। हमारे समाज को समझना चाहिए कि उनके कार्यकाल में मदरसों की क्या स्थिति थी सब जानते हैं। लेकिन हमारे कुछ भाई समझ नहीं रहे हैं।
जब नीतीश कुमार आए तो एनडीए में रहते हुए माइनोरिटीज के उत्थान के लिए कई काम किया। उर्दू टीचरों की बहाली की और मदरसा के शिक्षकों का वेतन 70 हजार तक बढ़ाया। हर जिले में आवासीय विद्यालय बने। आगे भी वे ही काम करेंगे। जो लोग पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं उनका अपना फैसला है।