अंतिम यात्रा देख पूरा गांव रोया, बेटे का सुख नहीं मिलने पर पिता की अर्थी को 11 बहनों ने दिया कंधा
जयपुर जयपुर के ब्रह्मपुरी स्थित सीताराम बाजार निवासी गोवर्धन दास बूसर (92) की अंतिम यात्रा भावुक तरीके से निकाली गई। उनका कोई बेटा नहीं था, इसलिए उनकी 11 बेटियों ने उन्हें कंधा दिया, जिससे वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। जयपुर के नटाणियों का रास्ता इलाके में लंबे समय से किराना दुकानदार…
