किशोर दा की समाधी पर लगाया दूध-जलेबी का भोग
खंडवा 1979 में आई फिल्म मंजिल का दिलकश गीत रिमझिम गिरे सावन, सुलग-सुलग जाए मन… रविवार (4 अगस्त) को तब फिर जीवंत हो उठा, जब सावन की रिमझिम फुहारों के बीच किशोर दा की समाधि पर उनके प्रशंसक जुटे। अपने प्रशंसकों को देख किशो दा ने समाधि में विश्राम करते-करते ही यह गीत गुनगुनाया होगा…
