भीतर के अहंकार को विसर्जित करती है क्षमा
जैन समुदाय के पर्यूषण-पर्व का एक महत्वपूर्ण हिस्सा एक-दूसरे से क्षमा मांगने का भी है. जाने-अनजाने में हुई किसी भी भूल या अपराध के लिए एक-दूसरे से क्षमा मांग कर नए सिरे से रिश्तों को संवारने, उन्हें बनाए रखने का एक संकल्प छिपा है इस क्षमा-याचना में. आसान नहीं होता क्षमा मांगना. भीतर के अहं…
