आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता के प्रेरणापुंज थे संत रविदास: गौतम टेटवाल
भोपाल विशेष लेख भारतीय संस्कृति में संतों का स्थान केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शकों के रूप में नहीं, बल्कि समाज सुधारकों के रूप में भी रहा है। उन्होंने समय-समय पर समाज को नई दिशा दी, उसके उत्थान के लिए कार्य किया और एक न्यायसंगत व्यवस्था का संदेश दिया। संत रविदास जी भी उन्हीं में से एक थे,…
