मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारी कर्मचारियों के खिलाफ विभागों को अब 3 महीने के अंदर ही कार्रवाई की अनुमति देनी होगी
भोपाल मध्य प्रदेश में अब भ्रष्ट अफसर-कर्मचारी प्रकरण दर्ज होने के बाद अधिक समय तक अभियोजन से नहीं बच पाएंगे। अभियोजन पर सहमति या असहमति के लिए सरकार ने 3 माह की अवधि तय कर दी है। यही नहीं अब हर मामला सीधे विभाग नहीं आएगा, बल्कि नियुक्तिकर्ता अधिकारी ही सहमति या असहमति दे सकेंगे।…
