अर्थतंत्र को सशक्त और सुप्रबंधित करने में डॉ. मोहन यादव का योगदान
अर्थ तंत्र को सुप्रबंधित और सशक्त करते डॉ मोहन यादव विश्व के महानतम अर्थशास्त्री कौटिल्य के अनुसार प्रजा के सुख में राजा का सुख निहित है।इसलिए राजा को – तस्मान्नित्योत्थितो राजा,कुर्यादर्थानुशासनम् । अर्थस्य मूलमुत्थानमनर्थस्य विपर्ययः ।। अर्थात राजा सदैव उद्यमशील रहकर,अर्थमूल में वृद्धि करे। इसके विपरीत कार्य अनर्थ या हानि के कारण बनते हैं ।…
