मानव जीवन में संयम अनिवार्य
मनुष्य दोहरी प्रकृति का प्राणी है। एक पशु प्रवृत्ति है जो अपनी सहज प्रवृत्तियां, आवेगों इच्छाओं एवं स्वचालित प्रेरणाओं के अनुसार जीवन-यापन करती है, दूसरी एक अति जागरूक बौध्दिक नैतिक, सौन्दर्यात्मक, विवेकपूर्ण और गतिशील प्रकृति है। एक ओर ऐसा चिंतन-मनन है जो निम्न प्रकृति का परिशोधन चाहता है तो दूसरी ओर ऐसा संकल्प है जो…
