सामूहिक रुप से तैयार करती हैं मूर्तियां,दीपक,अगरबत्ती,दीवार घड़ी,चौकी,मोबाइल स्टैंड
लखनऊ. कभी घर की चौखट से बाहर निकलने में हिचकने वाली गांव बनियाखेड़ा, संभल की अनुपमा सिंह आज अपने प्रोडक्ट के जरिए जानी जाती हैं। मास्टर ऑफ सोशल वर्क की डिग्री लेने के बाद कहीं बाहर जाने के बजाय अनुपमा ने अपने गांव में ही अपनी किस्मत संवारी। जब उन्होंने जानकी महिला स्वयं सहायता समूह…
