अधिकारों के साथ कर्त्तव्यों के पालन से सामाजिक न्याय व्यवस्था होगी सुदृढ़
भोपाल भारतीय समाज में संस्कार पद्धति कमजोर होने से भारतीय संविधान की सामाजिक न्याय की मूल भावना आहत हुई है। इसको सुदृढ़ बनाने के लिए प्रत्येक भारतीय को अपने मूल अधिकारों के साथ कर्त्तव्यों का पालन करना आवश्यक है। स्वतंत्रता, सामानता और बंन्धुत्व से ही सामाजिक न्याय स्थापित किया जा सकता है। यह विचार संस्कार…
