डॉक्टरों ने बिना चीर-फाड़ के रचा कमाल, इशरा को दी नई ज़िंदगी
भोपाल राजधानी के हमीदिया अस्पताल ने एक बार फिर उम्मीद की नई किरण जगाई है। 15 साल की इशरा खान टीबी और मवाद के कारण अपनी रीढ़ की हड्डी की भयानक बीमारी से जूझ रही थीं, उन्हें अब नई जिंदगी मिली है। इशरा की रीढ़ की हड्डी इतनी खराब हो चुकी थी कि वे चल-फिर…
