पहला विश्व कप मेडल: साहिल जाधव ने डेनमार्क को हराकर रचा इतिहास

शंघाई

विश्व यूनिवर्सिटी खेलों के मौजूदा चैंपियन साहिल जाधव ने शनिवार को तीरंदाजी विश्व कप के दूसरे चरण में पुरुष कंपाउंड स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। यह विश्व कप में उनका पहला पदक भी है। महाराष्ट्र के 25 वर्षीय तीरंदाज जाधव ने कांस्य पदक के प्लेऑफ मुकाबले में डेनमार्क के मार्टिन डैंसबो को 147-144 से हराकर मौजूदा टूर्नामेंट में भारत का पहला पदक हासिल किया। भारत ने इस पदक के साथ कंपाउंड वर्ग में अपने अभियान का भी समापन किया।

इस वर्ग में भारत के अन्य खिलाड़ी पदक जीतने में नाकाम रहे थे। भारत को कंपाउंड टीम स्पर्धाओं में मजबूत टीम माना जाता है लेकिन उसकी सभी टीम शुरुआती दौर में ही टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। भारत अब रविवार को प्रतियोगिता के समापन दिवस पर रिकर्व स्पर्धा में दो और पदक जीतने की कोशिश करेगा। भारतीय महिला टीम स्वर्ण पदक के लिए प्रतिस्पर्धा करेगी।

इसके अलावा सिमरनजीत कौर सेमीफाइनल से अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। विश्व कप में अपना पहला पदक जीतने के लिए उन्हें एक जीत की जरूरत होगी। जाधव पहले सेट के बाद एक अंक से पीछे चल रहे थे क्योंकि 40 वर्षीय डैंसबो ने तीन परफेक्ट 10 के साथ शुरुआत की थी। लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने दूसरे सेट में परफेक्ट 30 का स्कोर बनाया जबकि डैंसबो 27 का स्कोर ही बना पाए। इससे जाधव को कुल 59-57 की बढ़त हासिल करने में मदद मिली।

इसके बाद जाधव ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अपने अंतिम नौ तीरों में से केवल दो अंक गंवाकर तीन अंक की यादगार जीत हासिल की। जाधव ने पहले दौर में हमवतन अभिषेक वर्मा को, प्री-क्वार्टर फाइनल में जर्मनी के रूवेन फ्लुस को और क्वार्टर फाइनल में आस्टि्रया के 2022 के विश्व चैंपियन निको विएनर को शूटआफ में हराया था। हालांकि सेमीफाइनल में उन्हें फ्रांस के मौजूदा विश्व चैंपियन निकोलस गिरार्ड से एक अंक से हार का सामना करना पड़ा था।

 

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