नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कई बड़े फैसले लिए हैं. मोदी कैबिनेट ने कुल 4.50 लाख करोड़ रुपये के पांच बड़े प्रोजेक्ट्स को अपनी मंजूरी दे दी है. इसमें किसानों से लेकर रिन्यूएबल एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े अहम सेक्टर्स शामिल हैं. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि सबसे बड़ा फैसला पीएम किसान सम्मान निधि योजना को लेकर हुआ है. इस योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक के लिए एक्सटेंड कर दिया गया है. इसके लिए सरकार ने 3.15 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट रखा है. इसके साथ ही पानी पर तैरने वाले सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए पीएम सूर्य सरोवर योजना को भी हरी झंडी मिल गई है. सरकार का मुख्य फोकस किसानों की आय बढ़ाने और क्लीन एनर्जी सेक्टर को ज्यादा से ज्यादा प्रमोट करने पर है।
क्या है पीएम किसान योजना में हुए बड़े बदलाव और किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?
सरकार ने पीएम किसान योजना को अगले पांच सालों के लिए बढ़ा दिया है. इस पर कुल 3.15 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा. हर साल किसानों के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए 6000 रुपये भेजे जाएंगे. यह रकम दो हजार रुपये की तीन किस्तों में मिलेगी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को फसल की बुवाई और कटाई के वक्त आर्थिक मदद देना है. इससे किसान महंगे कर्ज लेने से बचेंगे. अब तक इस योजना के तहत 23 किस्तों में 4.47 लाख करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं. इसका फायदा छोटे और सीमांत किसानों को सीधे तौर पर मिलेगा।
पानी पर सोलर पैनल लगाने वाली पीएम सूर्य सरोवर योजना से देश को क्या लाभ होगा?
कैबिनेट ने पीएम सूर्य सरोवर योजना के लिए 5070 करोड़ रुपये का बजट पास किया है. इसका टारगेट अगले पांच साल में 5000 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर कैपेसिटी तैयार करना है. इसमें जमीन अधिग्रहण की कोई जरूरत नहीं होगी. इससे पानी भाप बनकर कम उड़ेगा और सिंचाई के लिए ज्यादा पानी बचेगा. सरकार फ्लोटिंग सिस्टम की मैन्युफैक्चरिंग को देश में ही प्रमोट करेगी. इस बड़े प्रोजेक्ट से करीब 17000 नए रोजगार के मौके भी पैदा होंगे. साथ ही कार्बन एमिशन में भी भारी कमी देखने को मिलेगी।
कैबिनेट ब्रीफिंग में खेल और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए क्या बड़े ऐलान किए गए?
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए भी गंभीर है. खेलो इंडिया और नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन स्कीम के लिए 36441 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. इसके अलावा समुद्र मंथन प्रोजेक्ट के लिए 84084 करोड़ रुपये दिए गए हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ट्विन ट्यूब टनल के निर्माण पर 9779 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इन सभी प्रोजेक्ट्स का मकसद देश की इकॉनमी को तेजी से आगे बढ़ाना है. सरकार हर सेक्टर को ग्लोबल लेवल पर कंपटीटिव बनाना चाहती है।
