20 सितंबर से 16 अक्टूबर तक ट्रेनों पर असर, भोपाल मंडल से गुजरने वाली 20 ट्रेनें कैंसिल

भोपाल 

 पश्चिम-मध्य रेलवे के बीना स्टेशन और उत्तर-मध्य रेलवे के आगासौद स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन जोड़ने के लिए यार्ड रीमॉडलिंग का काम किया जा रहा है। प्री-नॉन- इंटरलाकिंग और नॉन-इंटरलाकिंग का ये काम 1 सितंबर से 15 अक्टूबर 2026 तक चरणबद्ध तरीके से चलेगा। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया, यात्रा शुरू करने से पहले ऑनलाइन ट्रेनों का स्टेटस चेक करने के बाद ही निकलें।

बीना और आगासौद स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन को जोड़ने के लिए चल रहे यार्ड रीमॉडलिंग का असर भोपाल मंडल से गुजरने वाली यात्री ट्रेनों पर पड़ने लगा है। रेलवे ने 20 सितंबर से 16 अक्टूबर तक अलग-अलग तारीखों में 20 ट्रेनों को निरस्त की गई है।

निरस्त रहने वाली प्रमुख ट्रेन
-ललितपुर-बीना मेमू एवं बीनाललितपुर मेमू
-बीना-कटनी मुडवारा मेमू एवं कटनी मुडवारा-बीना मेमू
-जबलपुर-हज़रत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस और हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस
-बीना-रूठियाई मेमू (दो जोड़ियां)
-भोपाल-ग्वालियर इण्टरसिटी एवं ग्वालियर-भोपाल इण्टरसिटी
-ग्वालियर-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस एवं एसएमवीटी बेंगलुरु-ग्वालियर एक्सप्रेस
-रानी कमलापति-संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस एवं संतरागाछी-रानी कमलापति हमसफर एक्सप्रेस
-भोपाल-दमोह राज्यरानी एक्सप्रेस एवं दमोह-भोपाल राज्यरानी एक्सप्रेस
-भोपाल-खजुराहो महामना एक्सप्रेस एवं खजुराहो-भोपाल महामना एक्सप्रेस

भोपाल के यात्रियों को होगी अधिक परेशानी
इन ट्रेनों के निरस्त होने से मुख्य रूप से भोपाल और उसके साथ ससाथ एमपी के ग्वालियर, दमोह, खजुराहो और बीना की ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेनों का सहारा लेना पड़ेगा। खासकर इंटरसिटी और राज्यरानी जैसी नियमित सेवाएं रद्द होने से रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ने की संभावना है।

यार्ड रीमॉडलिंग से बढ़ जाएंगी ट्रेनों की क्षमता
रेलवे का कहना है कि, काम पूरा होने के बाद बीना और आगासौद स्टेशनों के यार्ड की परिचालन क्षमता बढ़ जाएगी। इससे ट्रेनों के संचालन में अधिक सुगमता आएगी। साथ ही, ट्रेनों के ठहराव और परिचालन का बेहतर प्रबंधन होगा। वहीं, भविष्य में बढ़ने वाले रेल यातायात को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद भी मिल सकेगी। रीमॉडलिंग के बाद रेल परिचालन की दक्षता और विश्वसनीयता बढ़ने के साथ ट्रेनों के समयपालन में भी सुधार की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *