भोपाल
मध्य प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब ने संभाग और जिला प्रभारियों से कहा- गुटबाजी और नाराजगी तीन महीने में दूर करें। आपसी मतभेद बातचीत से सुलझाएं। समझाने के बाद भी कोई नहीं मानता है तो उनके नाम और मोबाइल नंबर की सूची प्रदेश नेतृत्व और प्रभारी को भेजें।
देब ने कहा- नेताओं के स्वागत में जेसीबी से फूल बरसाने की संस्कृति तत्काल बंद करिए। बड़ी मालाओं और दिखावे की जगह सादगी अपनाइए। होर्डिंग और बैनर में नेताओं की बड़ी तस्वीरों की बजाय केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार कीजिए।
खुद के प्रचार के लिए होर्डिंग-बैनर न लगाएं
उन्होंने कहा- पार्टी संगठन का इस्तेमाल खुद के प्रचार के लिए नहीं, बल्कि सरकार के काम और योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए किया जाए। पदाधिकारी देखें कि सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं।
देब ने अपने पहले संगठनात्मक दौरे में प्रदेश पदाधिकारियों, संभाग प्रभारियों और मोर्चों के प्रदेश अध्यक्षों की बैठक ली। इससे पहले बुधवार को उन्होंने मध्यप्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ कोर कमेटी की बैठक की थी।
सरकार और संगठन के बीच समन्वय पर जोर
भोपाल में गुरूवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिप्लब देब ने कहा- कोर कमेटी और प्रदेश इकाई की बैठकों का उद्देश्य मध्यप्रदेश के संगठन को मजबूत करना है। संगठन और सरकार के माध्यम से जनता को सकारात्मक परिणाम मिलना चाहिए।
उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष से लेकर बूथ अध्यक्ष तक सभी से मिलकर काम करने की अपील की। देब ने कहा कि जनता ने भाजपा को सरकार में बैठाकर जो जिम्मेदारी दी है, उसका निष्ठा से पालन करना संगठन का दायित्व है।
भाजपा सत्ता में आने के लिए सत्ता में नहीं आती
देब ने कहा कि भाजपा सत्ता में आने के लिए सत्ता में नहीं आती। पार्टी अंतिम व्यक्ति का काम करने के लिए सत्ता में आती है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ नीचे तक पहुंचे, इसका फॉलोअप करना संगठन का नैतिक दायित्व है। संगठन और सरकार दोनों के काम का लाभ जनता तक पहुंचना चाहिए।
अगले 2-3 महीने में परिणाम दिखेंगे
जब देब से पूछा गया कि दो दिन के प्रवास में उन्हें सरकार या संगठन में कहां कमी नजर आई, तो उन्होंने कहा कि उन्हें मध्यप्रदेश आए अभी डेढ़ दिन ही हुआ है। उन्होंने सकारात्मक व्यवस्था में विश्वास जताते हुए कहा कि इस तरह के सवाल पूछने से अभी कोई जवाब नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अगले दो-तीन महीनों में सरकार और संगठन जिस दक्षता से काम कर रहे हैं, उसका लाभ दिखाई देगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे नुकसान नहीं, बल्कि सकारात्मक परिणाम ही देखने को मिलेंगे।
देब ने कहा- जिलों और गांवों तक जाएंगे
अपने अगले दौरों को लेकर देब ने कहा- वे संगठन के व्यक्ति हैं। संगठन के लोगों के साथ बैठना, बातचीत करना और उनसे सीखना उन्हें अच्छा लगता है। वे सीखने के लिए भी आए हैं। बूथ पर काम करने वाले छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं के पास भी बहुत कुछ सीखने लायक होता है।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भाजपा के लिए संगठन का तीर्थ क्षेत्र है। इसलिए प्रभारी के नाते वे दूसरे जिलों के साथ गांवों और बूथों तक जाएंगे और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करेंगे।
सरकार और संगठन के बीच कोऑर्डिनेशन को लेकर देब ने कहा कि यह निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। जिन्होंने समझ लिया कि समन्वय बेहतर कर लिया है, वे भी गलत हैं, क्योंकि इसे लगातार बेहतर करने की प्रक्रिया चलती रहती है। उन्होंने कहा कि वे व्यवस्था में विश्वास करते हैं और व्यवस्था के अनुसार काम करेंगे।
