मॉस्को
रूस ने भारतीय सेना के T-90 टैंक को अपग्रेड करने का बड़ा ऑफर दिया है। इसके तहत T-90 टैंकों को भविष्य के खतरों से बचने के लायक बनाया जाएगा। रूस ने यह भी कहा कि वह अपग्रेडेशन के दौरान यूक्रेन युद्ध में टैंकों को हुए नुकसान से सीखे गए अनुभवों का भी इस्तेमाल करेगा। अपग्रेडेश के दौरान न केवल अंदरूनी ढांचे को अपग्रेड किया जाएगा, बल्कि बेहतरीन फायर कंट्रोल सिस्टम, ज्यादा शक्तिशाली इंजन, कई तरह के हथियारों को फायर करने की क्षमता, बाहरी ढांचे की मजबूती और पारंपरिक एंटी-आर्मर खतरों से निपटने के लिए शक्तिशाली कवच से लैस करने की योजना है। हालांकि, अमेरिका के भारी दबाव के कारण इस बात की संभावना कम है कि भारत अभी रूस के साथ कोई रक्षा समझौता करेगा।
T-90 टैंक को अपग्रेड करने का ऑफर
उरालवगोनजावोड के सीईओ अलेक्जेंडर पोटापोव ने कहा, "भारत 'स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन' के अनुभव के आधार पर अपने टैंकों को आधुनिक बनाने में दिलचस्पी रखता है। हम मदद के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए सरकार के स्तर पर फैसले लिए जाने की जरूरत है।" उन्होंने भारत के साथ मिलकर "भविष्य के टैंक" को संयुक्त रूप से विकास करने की इच्छा भी जताई है। उन्होंने कहा, "रूस भारतीय सेना के पुराने पड़ रहे T-72 (T-72) और T-90 (T-90) टैंक बेड़े को बदलने या आधुनिक बनाने में भारत की मदद करने के लिए तैयार है।"
भारत को ऑफर किया T-14 आर्माटा टैंक
उन्होंने T-14 आर्माटा टैंक के मॉड्यूलर डिजाइन और इसकी निर्यात संभावनाओं पर भी जोर दिया है, जिसे विदेशी ग्राहकों की खास जरूरतों के मुताबिक ढाला जा सकता है। T-14 आर्माटा की गिनती दुनिया के सबसे शक्तिशाली टैंकों में की जाती है। इसके टावर में कोई क्रू मेंबर नहीं होता। टैंक कमांडर, गनर और ड्राइवर सभी टैंक के अगले हिस्से में बने एक विशेष सुरक्षित बख्तरबंद कैप्सूल में बैठते हैं। इसमें 125 मिमी की 2A82 स्मूथबोर गन लगी है, जिससे सामान्य गोलों के अलावा लेजर गाइडेड मिसाइलें भी दागी जा सकती हैं। इसमें 1,500 हॉर्सपावर का इंजन लगा है। इसकी अधिकतम सड़क गति 80 से 90 किमी/घंटा है।
T-90 भारत का मुख्य युद्धक टैंक
T-90 भारत का मुख्य युद्धक टैंक है। भारतीय सेना के पास अलग-अलग वेरिएंट के लगभग 1300 T-90 टैंक मौजूद हैं। T-90 टैंक का वजन लगभग 47 टन है। यह 9.6 मीटर लंबा और 2.8 मीटर चौड़ा है। छोटे आकार के कारण यह रेगिस्तान, दलदल और पहाड़ों में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है। T-90 टैंक 125 मिमी की स्मूथबोर तोप से लैस है। इसकी मारक क्षमता लगभग 5 किलोमीटर तक है। अपग्रेड करने के बाद यह टैंक और ज्यादा शक्तिशाली हो सकता है और इसका फायर पावर भी काफी बढ़ सकती है।
क्या भारत करेगा रूस के साथ रक्षा समझौता?
वर्तमान में भारत, रूस के साथ संबंधों को लेकर अमेरिका के भारी दबाव का सामना कर रहा है। ट्रंप प्रशासन ने रूस से तेल आयात करने पर भारत पर भारी-भरकम टैरिफ लगा चुका है। वह लगातार भारत को रूस से दूर करने के लिए कड़े कदम उठा रहा है। ऐसे में इस बात की बहुत कम संभावना है कि भारत वर्तमान में खुलकर रूस के साथ कोई बड़ा रक्षा समझौता करे।
